चरखी दादरी की पूर्ण जानकारी – Charkhi Dadri District In Haryana

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Charkhi Dadri हरियाणा का एक नया जिला है, और इससे संबंधित current affairs के प्रश्न HSCC की परीक्षाओं में बार बार पूछे जाते है। ऐसे मे इस नये जिले के विषय मे थोड़ा गहराई से पढ़ना जरूरी हो जाता है। तो आइये जानते है चरखी दादरी से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण तथ्य।

Charkhi Dadri Kab Bana

Charkhi Dadri हरियाणा के 22 जिलों मे से एक है। चरखी दादरी को भिवानी जिले से अलग करके जिला बनाने की घोषणा 16 सितंबर 2016 को हुई। 18 अक्टूबर 2016 को इसे कैबिनेट में पास किया गया।

और HSCC के अनुसार, 16 नवंबर 2016 को चरखी दादरी जिले को स्थापित किया गया। Charkhi Dadri की कुल जनसंख्या 5 लाख है तथा शाक्षरता दर 67.04% है। चरखी दादरी की राजधानी नई दिल्ली से दूरी 112.6 किमी है और चंडीगढ़ से दूरी 295 किमी है।

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Charkhi Dadri Ka Itihas

प्रशासनिक दृष्टि से, चरखी दादरी रोहतक मंडल और पुलिस रेंज के अंतर्गत आता है। रोहतक के अलावा हरियाणा में Charkhi Dadri ऐसा जिला है जिसकी सीमाएं किसी भी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से जुड़ी हुई नहीं है।

दादरी का नाम दादरी दादुर झील के नाम पर पड़ा है। यह भी कहा जाता है कि दादुर झील में बहुत मेंढक थे (जिसे संस्कृत में द्वादुर कहते है) इसलिए इस जगह का नाम दादुर पड़ा। दादुर शहर फोगाट वंश के जाटों ने बसाया था। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, दादरी को फोगाट गोत्रिय बिल्हान सिंह ने बसाया था।

Charkhi Dadri Plane Crash

दादरी शहर 12 नवंबर 1996 को हुई दादरी विमान दुर्घटना के कारण चर्चा में था। कजकिस्तान एयरलाइन और सऊदी एयरवेस के विमान आपस में टकरा गए थे और इस दुर्घटना में कुल 349 लोगों की मृत्यु हुई थी। 1938 में दादरी में डालमिया सीमेंट फैक्टरी की स्थापना की गयी थी। जिसे सालों बाद 1981 में सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने अधिग्रहित कर लिया। 1996 में यह फैक्टरी बंद हो गयी।

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1757 में कलियाणा गाँव की विधवा जमींदार सतभामी ने आलमगीर-II के पुत्र अली गौहर से युद्ध किया था, जिसमें वह हार गयी थी।

चरखी दादरी में प्रसिद्ध

कलियाणा में ही दरगाह मुबारक शाह है जिसका निर्माण 400 साल पहले हुआ था। यह दरगाह सूफी संत शंकरगंज के भांजे मुबारक शाह की है। पर्यटक स्थल श्यामसर सरोवर भी दादरी में ही है।

दादरी कनीनी सड़क मार्ग पर ‘कपूरी की पहाड़िया‘ है। यहाँ पर प्राचीन समाधि मंदिर और शिव मंदिर बने हुए है।

हिलना पत्थर’ एशिया में केवल कलियाणा की पहाड़ियों में पाये जाते हैं। यह पत्थर समुद्र तल से 400 मी. की ऊचांई पर पाए जाते हैं। एशिया के बाहर यह पत्थर केवल ब्राज़ील में मिलते हैं।

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कुछ समय के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे हुकुम सिंह चरखी दादरी के थे। दादरी के विख्यात स्थलों में डैरेंगो रेस्टोरेंट, इमलौटा मंदिर, रंगीला हनुमान मंदिर हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करता है।

चरखी दादरी से खिलाड़ी

गीता, बबीता और विनेश फोगाट Charkhi Dadri के बलाली गाँव से संबंधित हैं। इन्होंने विश्व स्तर पर रेस्लिंग में जीत हासिल की है।  इनपर दंगल फिल्म भी बनी है। इनके पिता महाबीर सिंह प्रख्यात रेस्लिंग प्रशिक्षक (coach)  है। इन्हे द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

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FAQ About Charkhi Dadri

चरखी दादरी का क्षेत्रफल कितना है?

चरखी दादरी का क्षेत्रफल 1370 वर्ग किमी है।

चरखी दादरी की जनसंख्या कितनी है?

चरखी दादरी की जनसंख्या 50 लाख है।

चरखी दादरी मे लिंगानुपात कितना है?

चरखी दादरी मे लिंगानुपात 54:46 है।

चरखी दादरी मे क्या प्रसिद्ध है?

चरखी दादरी मे कीकर  वसनी, रंगीला हनुमान मंदिर, बाला वाला जौहर, देवी धाना आदि प्रसिद्ध है।

चरखी दादरी किसने बसाया था?

दादरी को फोगाट गोत्रिय बिल्हान सिंह ने बसाया था।

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चरखी दादरी से जुड़ी अधिकतर महत्वपूर्ण घटनाएं उसके इतिहास में ही है। इसलिए विद्यार्थियों को ये सलाह है की वह Charkhi Dadri के इतिहास को अच्छी तरह जाने। इस लेख में हमनें Charkhi Dadri से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी देने का प्रयास किया है।

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